नागरिकों का कल्याण सभी सुधारों के केंद्र में होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि विकसित भारत का सपना जन आंदोलन में बदलना चाहिए और देश के युवाओं को इस परिकल्पना की नींव बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों का कल्याण सभी सुधारों के केंद्र में होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली में ग्रामीण विकास, कृषि, सामाजिक कल्याण और संबद्ध क्षेत्रों में विकसित भारत के लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मंत्रिमंडल सचिव, प्रमुख मंत्रालयों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान, श्री मोदी ने कहा कि जन-आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए सुधारों को वास्तविक गति मिलनी चाहिए और उनसे सार्थक परिवर्तन आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुधारों का उद्देश्य केवल सरकार के कामकाज में सुधार करना नहीं है, बल्कि देश को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन प्रणालियों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और एक गतिशील तथा विकसित होते परिवेश की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए शासन प्रक्रियाओं को अनुकूलित और मजबूत करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में उभरती आवश्यकताओं का व्यापक मानचित्रण करने का सुझाव दिया। श्री मोदी ने युवाओं में मादक पदार्थों के सेवन की गंभीर समस्या से निपटने के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय अलगाव को तोड़ने और युवा-केंद्रित पहलों में अंतर-विभागीय समन्वय को बढ़ावा देने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

श्री मोदी ने राष्ट्र के विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने खेलों के विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता की भी बात कही। श्री मोदी ने कहा कि खेल पर्यटन ध्यान देने वाले एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, इसलिए भारत को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का लक्ष्य रखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने खेल क्षेत्र में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी बल दिया।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि किसानों के पीएम कुसुम योजना जैसी पहलों को व्यापक रूप से अपनाने से कृषि क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव आ सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अवसरों और भविष्य की जरूरतों के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए कौशल आवश्यकताओं के वैश्विक मानचित्रण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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