नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, संपर्क, सुरक्षा, विदेश नीति और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दूरगामी योजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। श्री मोदी ने डेटा के सही इस्तेमाल पर जोर दिया और इसे देश की महत्वपूर्ण संपत्ति बताया। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच सोचने और काम करने के तरीके में सुधार होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच बेहतर संवाद पर जोर दिया, ताकि नीतियां बनाने में नए विचार शामिल हो सकें। उन्होंने देश के रक्षा उद्योग को मजबूत बनाने और उसे वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।।
कोविड महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल सरकार की कामकाज की संस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई के बेहतर इस्तेमाल की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एआई के साथ मानवीय विशेषज्ञता और निगरानी भी जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों को मिलकर काम करना होगा। बैठक में कैबिनेट सचिव, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
