UN ने कहा- खाड़ी क्षेत्र में 35 हजार लोग फंसे, ईरान में 1230 पहुंचा मौत का आंकड़ा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इस्राइल की तरफ से हो रही बमबारी के बीच ईरान के राष्ट्रपति ने भी आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा है कि पलटवार जारी रहेगा। इसी खाड़ी देशों ने शांति बहाली की पहल करते हुए पहली आपात बैठक बुलाई है।
बहरीन ने दावा किया है कि उसकी एक सरकारी तेल रिफाइनरी पर ईरान की मिसाइल आकर गिरी। यह घटना गुरुवार रात हुई। अधिकारियों के अनुसार मिसाइल गिरने से रिफाइनरी परिसर में आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सरकारी बयान के मुताबिक आग पर काबू पाने के बाद भी रिफाइनरी का कामकाज जारी है और उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है। हालांकि इस हमले ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। हाल के दिनों में ईरान की ओर से क्षेत्र के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था के लिए तेल उद्योग सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अगले नेता के चयन में उन्हें व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहिए। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को उत्तराधिकारी बनाए जाने का विचार उन्हें स्वीकार नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को ऐसा नेता चाहिए जो देश में शांति और सामंजस्य ला सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौजूदा व्यवस्था उसी तरह का नेतृत्व चुनती है जैसा पहले था, तो भविष्य में फिर से संघर्ष की स्थिति बन सकती है। रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई को ईरान के सर्वोच्च नेता के पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है। हालांकि अभी तक ईरान की आधिकारिक संस्थाओं ने नए सर्वोच्च नेता की घोषणा नहीं की है और इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल जारी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच केरल स्थित मलनकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च ने अपने सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना करने का आह्वान किया है। चर्च के प्रमुख कैथोलिकोस ऑफ द ईस्ट और मलनकारा मेट्रोपोलिटन बेसिलियोस मार्थोमा मैथ्यूज तृतीय ने श्रद्धालुओं से 8 मार्च को होने वाली पवित्र क़ुर्बाना के दौरान विश्व शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय अशांति और अनिश्चितता के कठिन दौर से गुजर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब शांति स्थापित करने वाले ही युद्ध को बढ़ावा देते हैं तो मानवता की उम्मीदें टूट जाती हैं। चर्च प्रमुख ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के प्रति एकजुटता जताते हुए शांति और स्थिरता की प्रार्थना करने की अपील की।
इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान के उत्तरी शहर त्रिपोली में हमास के एक कमांडर वसीम अतल्लाह अली को मार गिराया है। सेना ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि इस कार्रवाई को इस्राइली नौसेना बलों ने अंजाम दिया। इस्राइल का आरोप है कि अली हमास के लड़ाकों को प्रशिक्षण देने में शामिल था। हालांकि इस मामले पर हमास की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।इसी बीच इस्राइल ने लेबनान में अपने हमलों का दायरा और बढ़ा दिया है। ताजा हमलों में आज कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर है। बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में रहने वाले लोगों को पहले ही इलाके को खाली कर उत्तर की ओर त्रिपोली जाने के निर्देश दिए गए थे।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों को रोकने के लिए कार्रवाई की है। मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों का जवाब दे रही हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा और आपातकालीन निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए देश की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और लगातार निगरानी की जा रही है।
अजरबैजान ने ईरान की सीमा के पास अपने दक्षिणी हवाई क्षेत्र के एक हिस्से को 12 घंटे के लिए बंद कर दिया है। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया जब अजरबैजान ने दावा किया कि ईरान से आए ड्रोन उसके क्षेत्र में दाखिल हो गए थे। अजरबैजान के अनुसार ड्रोन देश के स्वायत्त नखचिवान क्षेत्र में पहुंचे और वहां बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इस घटना में कुछ नागरिक भी घायल हुए हैं। इसके बाद सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र का एक हिस्सा अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। हालांकि ईरान ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि वह पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करता।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुबई में स्थित अपने वैश्विक आपातकालीन लॉजिस्टिक्स हब के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया है। संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा के कारण यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह हब दुनिया भर में स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान जरूरी चिकित्सा सामग्री भेजने का प्रमुख केंद्र है। पिछले साल इस हब ने 75 देशों के लिए 500 से अधिक आपातकालीन आपूर्ति आदेश पूरे किए थे। डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात से मानवीय स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है और करोड़ों डॉलर की चिकित्सा सामग्री फंसी हुई है।
इस्राइली हमलों में लेबनान में 100 से ज्यादा लोगों की मौत
लेबनान में इस्राइल के हवाई हमलों के बाद हालात गंभीर होते जा रहे हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार से अब तक हुए हमलों में कम से कम 102 लोगों की मौत हो चुकी है और 638 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है क्योंकि कई इलाकों में अभी भी बचाव कार्य जारी है। लगातार हो रहे हमलों के कारण लेबनान के कई क्षेत्रों में भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में नाविक और यात्री फंस गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार करीब 20 हजार नाविक और 15 हजार क्रूज जहाजों के यात्री खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से समुद्री मार्गों पर हालात गंभीर हो गए हैं। आईएमओ के महासचिव ने कहा कि संगठन प्रभावित नाविकों की सुरक्षा और उनके हालात सुधारने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से क्षेत्र में जहाजों से जुड़े सात घटनाक्रम दर्ज किए गए हैं, जिनमें दो लोगों की मौत हुई है और सात लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष नाविकों पर हमले किसी भी हालत में उचित नहीं हैं और जहाज कंपनियों से प्रभावित क्षेत्र में काम करते समय अधिकतम सावधानी बरतने की अपील की गई है। इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी गुजरता है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों में देश के 11 अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय के अनुसार सात आपातकालीन केंद्र, नौ एंबुलेंस और चार अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने कहा कि हमलों से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा है। इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी ईरान में स्वास्थ्य ढांचे पर 13 हमलों की पुष्टि की थी।

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