उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा को एक परिवर्तनकारी उपकरण बताया

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा को एक परिवर्तनकारी उपकरण बताया है। मोतिहारी में आयोजित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने छात्रों से देश के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना करने के लिए ज्ञान का उपयोग करने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने वर्तमान युग को अमृत काल बताते हुए कहा कि युवा ही भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि भारत युवा शक्ति के बल पर 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार है।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को नवाचार और सेवा भावना के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों से सत्य, अहिंसा और आत्मनिर्भरता के गांधीवादी मूल्यों को आत्मसात करने का भी आह्वान किया। दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद उपराष्ट्रपति पश्चिम चंपारण स्थित ऐतिहासिक भीतिहरवा गांधी आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी की विरासत को नमन किया।

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