एक मिनट में 3000 गोलियां, 4 किमी तक सटीक वार; एयर डिफेंस गन एके-630 से लैस होगी भारतीय सेना

नई दिल्ली : भारतीय सेना अब पाकिस्तान सीमा के पास आबादी वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मिशन सुदर्शन चक्र के तहत सेना ने छह एके-630 एयर डिफेंस गन प्रणाली खरीदने के लिए सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन एंड इक्यूपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) को टेंडर जारी किया है। एके-630 एक मिनट में 3000 गोलियां दागने और 4 किलोमीटर दूर तक सटीक वार करने में सक्षम है।
भारतीय सेना की ओर से यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभव के बाद लिया गया है। चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सीधे आम नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया था। मिशन सुदर्शन चक्र को प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल 15 अगस्त लॉन्च किया था। इसके तहत 2035 तक एक मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच तैयार करने की योजना है। इसमें निगरानी तंत्र, साइबर सुरक्षा और वायु रक्षा प्रणाली को शामिल कर देश की अहम जगहों को दुश्मन के हमलों से बचाने की तैयारी है। सेना के मुताबिक, एयर डिफेंस गन प्रणाली पाकिस्तान की सीमा से लगी घनी आबादी और धार्मिक स्थलों को सुरक्षा देगा। यह यह प्रणाली मिशन सुदर्शन चक्र की एयर डिफेंस आर्किटेक्चर में एक मजबूत स्तंभ साबित होगा।
एके-630 एयर डिफेंस गन प्रणाली 30 मिमी मल्टी-बैरेल गन है, जिसे ट्रेलर पर लगाया जाएगा और हाई-मोबिलिटी व्हीकल से खींचा जाएगा। इसकी रेंज करीब 4 किलोमीटर है और यह हर मिनट में 3000 राउंड तक फायरिंग कर सकती है। इसमें ऑल-वेदर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम होगा। इससे ड्रोन, रॉकेट, तोपखाने और मोर्टार जैसे खतरों को रोका जा सकेगा।
बीते दिन सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान अगर भारत में आतंकी गतिविधियां बढ़ाता है तो ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में भारत बिल्कुल भी संयम नहीं दिखाएगा। रक्षा मंत्री ने भी हाल ही में गुजरात के भुज में वायु रक्षा टुकड़ियों का दौरा कर उनकी सराहना की थी, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी ड्रोन और हवाई हमलों को नाकाम किया था।

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