नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय विमानन कंपनियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन में सहायता देने के लिए दस हजार करोड़ रुपये के ‘एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड’ को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में संवादाताओं से बातचीत में सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह एक आत्मनिर्भर कोष है, जो नियमित भारतीय विमानन कंपनियों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों को स्थिर करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विमानन क्षेत्र से जुड़े 77 लाख रोजगार सुरक्षित रहेंगे।
पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय एटीएफ की कीमतें मार्च में 60 दशमलव पांच रुपये प्रति लीटर से बढ़कर इस वर्ष मई महीने में एक सौ 42 रुपये प्रति लीटर हो गईं है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एटीएफ की कीमतों में आई भारी तेजी के असर को कम करने के लिए तेल विपणन कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त अग्रिम की मंजूरी दी है ।
मंत्रिमंडल ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड को सहायता प्रदान करने की योजना को भी मंजूरी दे दी है। यह योजना दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के भागीदार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से लागू की जाएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि इस ऐतिहासिक दो वर्षीय योजना का उद्देश्य दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लगभग दो लाख ट्रक और 16 हजार बसें बदली जाएंगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रामेश्वर से पारादीप तक एक सौ 63 किलोमीटर से अधिक लंबे नए तटीय राजमार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। श्री वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत 8 सौ 30 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
