गृह मंत्री अमित शाह ने प्रौद्योगिकी और नागरिक भागीदारी सहित चार स्तरीय सुरक्षा उपायों के साथ सीमा प्रबंधन में बड़े बदलाव की घोषणा की

नई दिल्ली।  गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सीमाओं को सुरक्षित करना और अवैध प्रवासन पर अंकुश लगाना राष्‍ट्र की जनसांख्यिकी सुरक्षा के लिए महत्‍वपूर्ण है। वे आज गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर महत्‍वपूर्ण जी-7 और जी-13 सीमा चौकियों के उद्घाटन के बाद सैनिकों और उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लीक प्रूफ सुरक्षा ग्रिड स्‍थापित करने के लिए ड्रोन, रडार और आधुनिक बाड सहित अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है। उन्‍होंने नई सुरक्षा ग्रिड के साथ सीमा प्रबंधन में बदलाव की घोषणा की। उन्‍होंने कहा कि इस मॉडल के तहत नागरिकों, प्रशासन, स्‍थानीय पुलिस तथा सीमा सुरक्षा बल और सेना के सहयोग से पूर्ण क्षेत्रीय सुरक्षा प्रबंधन किया जाएगा।

गृह मंत्री ने पिछले छह दशक से देश की सुरक्षा में अग्रिम रक्षा पंक्ति के रूप में सेवा कर रहे सीमा सुरक्षा बल की सराहना की। उन्‍होंने मातृ भूमि के लिए सर्वोच्‍च बलिदान देने वाले दो हजार से अधिक बीएसएफ कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंतर्राष्‍ट्रीय सीमाओं का उल्‍लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ लम्‍बे समय से जारी गतिरोध समाप्‍त हो गया है और नई राज्‍य सरकार ने एक सप्‍ताह में ही सीमा पार बाड लगाने के लिए जमीन उपलब्‍ध करा दी है। गुजरात के मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्‍य मंत्री हर्ष सांघवी और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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