नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति निरंतर जारी है। आज नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रमों पर आयोजित अंतरमंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी वितरकों से एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिन में लगभग एक करोड़ 14 लाख सिलेंडरों की बुकिंग की गई और एक करोड़ 26 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील को दोहराया और सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग का उपयोग करने को कहा।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अपर सचिव अपर्णा शर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए देश में उर्वरकों का भंडार 51 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि संकट के बाद से उर्वरकों का घरेलू उत्पादन और आयात 76 दशमलव सात-आठ प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उर्वरकों की 97 लाख मीट्रिक टन मात्रा अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराई गई है।
संक्षिप्त रिपोर्ट को संबोधित करते हुए, पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों या विदेशी ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। श्री शर्मा ने बताया कि मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 3 हजार से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है।
विदेश मंत्रालय (खाड़ी) के अपर सचिव असीम महाजन ने कहा कि समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास चौबीस घंटे हेल्पलाइन सेवा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय सरकारी दिशानिर्देशों, उड़ान और यात्रा संबंधी स्थितियों की जानकारी सहित नियमित रूप से परामर्श जारी किया जा रहा है।
मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है। श्री जायसवाल ने बताया कि 11 भारतीय जहाज सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी क्षेत्र में हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ईरान के अधिकारियों के सहयोग से शेष जहाज भी जल्द ही सुरक्षित रूप से निकल सकेंगे। मंत्रालय ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भूमि सीमा मार्गों के माध्यम से ईरान से ढाई हजार से अधिक भारतीय नागरिकों की आवाजाही में सुविधा प्रदान की है।
