नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की यात्रा विश्व की सबसे महत्‍वपूर्ण सफलताओं में से एक बनकर उभरी है: प्रह्लाद जोशी

नई दिल्ली। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की यात्रा विश्व की सबसे महत्‍वपूर्ण सफलताओं में से एक बनकर उभरी है। आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से लगभग 42 लाख परिवारों को लाभ हुआ है, जिससे नागरिक केवल बिजली के उपभोक्ता होने के बजाय स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादक बन गए हैं।

श्री जोशी ने बताया कि बिजली बिलों में औसतन लगभग 71 प्रतिशत की कमी आई है और कई लाभार्थियों का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर और प्रधानमंत्री-कुसुम जैसी पहलें नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने और सतत विकास के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

कार्यक्रम के दौरान, श्री जोशी ने भारत के फ्लोटिंग सोलर पीवी पोटेंशियल असेसमेंट पर एक रिपोर्ट जारी की, लघु जल विद्युत विकास योजनाओं के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया और राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान और सैन्य अभियंता सेवाओं के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते देखा।

श्री जोशी ने कहा कि मंत्रालय की विभिन्न पहलें, प्राकृतिक संसाधनों का अधिक स्मार्ट और टिकाऊ तरीके से उपयोग करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इनमें लघु जल विद्युत विकास योजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मार्च में योजना की मंजूरी के 83 दिनों के भीतर ही पोर्टल का शुभारंभ किया गया, जो गति, पारदर्शिता और दक्षता पर सरकार के दृढ़ निश्‍चय को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सौर, पवन और अन्य गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों का एक साथ विस्तार कर रहा है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि फ्लोटिंग सोलर और एग्री वोल्टिक्स आने वाले वर्षों में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारत में सौर ऊर्जा के विकास का उल्‍लेख करते हुए श्री सारंगी ने कहा कि देश ने पिछले वर्ष लगभग 44 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता की रिकॉर्ड स्थापना हासिल की और 2050 तक लगभग 1600 गीगावाट की आवश्यकता होगी।

Leave a comment