निर्वाचन अधिकारी के ‘फिल्मी’ पोस्ट पर मचा बवाल, टीएमसी ने EC से की कार्रवाई की मांग

कोलकाता: कोलकाता दक्षिण के चुनाव अधिकारी ने अपने एक्स पोस्ट में बॉलीवुड गाने और ‘बर्नोल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। अब इसके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी ने इसे डराने-धमकाने वाला और आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव से पहले ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लेकिन इस बार चर्चा का विषय कोई राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि कोलकाता दक्षिण के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) का एक सोशल मीडिया पोस्ट है। इस पोस्ट में बॉलीवुड फिल्म के गाने और ‘बर्नोल’ जैसी क्रीम का जिक्र होने पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भड़क गई है। इसके बाद ममता दीदी की पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत कर दी है।
दरअसल, कोलकाता दक्षिण के डीईओ विभु गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट का मकसद बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग के ‘हिंसा मुक्त चुनाव’ के संदेश को फैलाना था। संदेश को रोचक बनाने के लिए उन्होंने 1990 की मशहूर फिल्म ‘दिल’ के सुपरहिट गाने ‘हम प्यार करने वाले दुनिया से ना डरने वाले’ का इस्तेमाल किया।
निर्वाचन अधिकारी ने गाने के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि जिस तरह फिल्म में प्रेमी दुनिया की परवाह नहीं करते, उसी तरह चुनाव आयोग भी आलोचनाओं की परवाह किए बिना निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव कराने के अपने मिशन पर अडिग है।
विवाद गाने से ज्यादा पोस्ट के साथ लिखे गए कैप्शन को लेकर हुआ। निर्वाचन अधिकारी ने अपने संदेश में असामाजिक तत्वों को चेतावनी देते हुए लिखा कि वे ‘बर्नोल और बोरोलीन’ जैसी क्रीम का भंडार तैयार रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी ने शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की, तो सुरक्षा बलों की कार्रवाई से उन्हें ‘जलन और खुजली’ महसूस होगी, जिसके लिए इन क्रीमों की जरूरत पड़ेगी। पोस्ट में यह भी कहा गया कि कानून का हाथ इतना सख्त होगा कि लोग इसे जीवन भर याद रखेंगे।
तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को पत्र लिखकर इस पर कड़ी नाराजगी जताई। पार्टी का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी की ओर से ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है। टीएमसी का आरोप है कि ‘गुंडे’, ‘हिस्ट्रीशीटर’ और ‘लंपट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर अधिकारी खुलेआम डराने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी के अनुसार, यह पोस्ट आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन है क्योंकि यह विभिन्न समूहों के बीच नफरत या तनाव पैदा कर सकता है।

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