प्रधानमंत्री ने कहा- भारत ने समय पर लिए गए फैसलों, प्रभावी कूटनीति और राष्ट्रीय संसाधनों के उचित प्रबंधन से पश्चिम एशिया संकट का सफलतापूर्वक सामना किया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राजस्‍थान के पचपदरा में एक लाख पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। यह राज्‍य में अवसंरचना, ऊर्जा, परिवहन और रोजगार सृजन में एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि का परिचायक है। अपनी एक दिन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने जोधपुर हवाई अड्डे पर नये टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्‍होंने बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के सबसे आधुनिक ग्रीनफील्‍ड रिफानरी सह पैट्रोकेमिकल राष्‍ट्र को समर्पित भी किया। उन्‍होंने रिफाइनरी के आधुनिकतम नियंत्रणकक्ष का निरीक्षण भी किया। श्री मोदी ने इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत भी की।

श्री मोदी ने ईंधन टैंकर को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने जयपुर मेट्रो चरण दो के लिए वर्चुअल माध्‍यम से आधा‍रशिला रखी। ग्रीनफील्ड रिफाइनरी तेल, गैस या खनिजों के लिए एक औद्योगिक प्रसंस्करण संयंत्र है जिसे अविकसित स्वच्छ भूमि पर बिल्कुल नए सिरे से बनाया जाता है।
सभा को सम्‍बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष ने 21वीं सदी के सबसे बडे ऊर्जा संकट को जन्‍म दिया है। उन्‍होंने कहा कि भारत का समय पर लिया गया निर्णय, प्रभावशाली रणनीति और राष्‍ट्रीय संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन ने देश को इस संकट पर काबू पाने योग्‍य बनाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कई देश ईंधन की कमी से जूझ रहे थे, वहीं भारत ने संकट का सटीक आकलन किया, एक प्रभावी रणनीति तैयार की और देश की ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी राजनयिक शक्ति का इस्तेमाल किया।

श्री मोदी ने कहा कि इस संकट के दौरान मित्र देशों के साथ भारत के मजबूत राजनयिक संबंधों ने एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्‍होंने कहा कि पहले भारत 25 से 26 देशों से ऊर्जा आयात करता था, लेकिन इस संकट के दौरान भारत ने इसका विस्‍तार लगभग चालीस देशों तक किया। इससे वैश्विक बाधाओं के बावजूद ईंधन आपूर्ति निर्बाध सुनिश्चित हो सकी। श्री मोदी ने कहा कि देश और इसके नागरिकों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बने रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि भारत ने अपनी रिफाइनिंग क्षमता का भी विस्‍तार किया है। यह अब विश्‍व का चौथा सबसे बडा रिफाइनिंग राष्‍ट्र बन चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद सरकार ने रसोई गैस की कीमतों में भारी वृद्धि को रोका। उन्होंने कहा कि इस संकट के कारण एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 2 हजार रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन प्रभावी हस्तक्षेप से यह सुनिश्चित हुआ कि उपभोक्ताओं को लगभग 950 रुपये में सिलेंडर मिलते रहें। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून के बीच, तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसका बोझ सरकार ने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रभाव से बचाने के लिए उठाया।

श्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा संकट के दौरान सरकार के प्रयासों को एक दिन इतिहास में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां कुछ लोग अफवाहें फैलाने और दहशत पैदा करने में व्यस्त थे, वहीं अधिकारी निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए धैर्य, कड़ी मेहनत और संवेदनशील नीतिगत निर्णयों के साथ दिन-रात पर्दे के पीछे काम करते रहे। उन्होंने इस कठिन दौर में सहयोग के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने राष्ट्र का समर्थन करने के बजाय संकट का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया।

पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्षों के कारण उत्पन्न वैश्विक उर्वरक संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कई देशों में यूरिया की कीमतें लगभग 3 हजार रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गईं, वहीं सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि भारतीय किसानों को लगभग तीा सौ रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया मिलता रहे, जिससे वे वैश्विक मूल्य वृद्धि से सुरक्षित रहे।

पचपदरा रिफाइनरी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे भारत के एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी और पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी। राज्य के युवाओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में निवेश और आर्थिक विकास के नए द्वार खोलेगी।

यात्रा के दौरान शुरू की गई अन्य विकास पहलों का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जोधपुर हवाई अड्डे पर नवनिर्मित टर्मिनल भवन मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि जोधपुर से संशोधित उड़ान योजना शुरू होने से छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों तक हवाई संपर्क बेहतर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में जल संकट के समाधान का लंबा इंतजार अब समाप्त होने वाला है और उन्होंने नई विकास परियोजनाओं के लिए लोगों को बधाई दी। उन्होंने राजस्थान की लंबे समय से चली आ रही जल समस्याओं के समाधान में विफल रहने के लिए पिछली कांग्रेस सरकार की आलोचना की। श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार “राष्ट्र पहले” के दृष्टिकोण से काम कर रही है और हर क्षेत्र और हर नागरिक के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। श्री मोदी ने राजस्‍थान सरकार के विभिन्‍न विभागों में लगभग 54 हजार नवनियुक्‍त युवाओं को नियुक्ति पत्र भी दिये।

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