नई दिल्ली: सरकार ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत अभी जारी है। सरकार ने कहा कि दोनों देशों की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों के आधार पर काम करती है।
सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और दोनों देश आपसी फायदे वाले समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। राज्यसभा में एक लिखित जवाब में विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि दोनों देशों की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों के आधार काम करती है। सिंह ने कहा, ‘द्विपक्षीय मतभेदों को उच्च-स्तरीय और संस्थागत संवाद के माध्यम से सुलझाया जाता है।’ दरअसल विदेश मंत्रालय (MEA) से अमेरिका के साथ रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग पर भारत के वर्तमान रुख और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति और मतभेद के क्षेत्रों के बारे में पूछा गया था।
विदेश मंत्रालय (MEA) से अमेरिका के साथ रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग पर भारत के वर्तमान रुख और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति और मतभेद के क्षेत्रों के बारे में पूछा गया था। जिस पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, ‘द्विपक्षीय मतभेदों को उच्च-स्तरीय और संस्थागत संवाद के माध्यम से सुलझाया जाता है।’
विदेश राज्यमंत्री ने कहा, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जो आतंकवाद रोधी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, विश्वसनीय प्रौद्योगिकियों, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और एक स्वतंत्र, खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता सहित कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहमति साझा करते हैं। साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक साझेदारी और संयुक्त सैन्य अभ्यास जैसे समझौते भी हैं।
कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, दिसंबर 2025 तक 3,53,737 भारतीय छात्र अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मंत्रालय दोनों देशों के लंबे समय के हित में लोगों से लोगों के संबंधों और कुशल गतिशीलता के महत्व को रेखांकित करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।’ भारत के विदेश मंत्री और वाणिज्य और उद्योग मंत्री भी नियमित रूप से अपने अमेरिकी समकक्षों से मिल रहे हैं।
