नई दिल्ली। विश्व बैंक ने जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के लिए चार हजार करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। पांच हजार सात सौ 14 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य हरियाणा को जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। परियोजना के तहत राज्य के 48 लाख 94 हजार एकड क्षेत्र में 15 कलस्टर बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने आज चंडीगढ में जल संरक्षित हरियाणा परियोजना के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि अधिकारियों को व्यापक जल प्रबंधन योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन किया जाए ताकि प्रत्येक क्षेत्र तक पानी पहुंचे।
उन्होंने उपचारित पानी के श्रेष्ठ उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद बचानी चाहिए और उसका सर्वश्रेष्ठ उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पानी की उपलब्धता, बजटिंग और राज्यभर में उपयोग की सटीक निगरानी के लिए डिजिटल जल प्रबंधन प्रणाली के विकास का आह्वान किया।

