नई दिल्ली। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दान में हेराफेरी के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आठ नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिशों के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर श्री राम जन्मभूमि पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। इस प्राथमिकी में अपराध संख्या 90/2026 में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के साथ-साथ अन्य अज्ञात आरोपियों के नाम शामिल हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लखनऊ संभाग के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने मंगलवार को सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कड़ी सिफारिशें की गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले चढ़ावे और दान में चोरी के आरोपों के बाद यह मामला सामने आया है। ट्रस्ट द्वारा विशेष जांच के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी गठित करने के आदेश दिए थे।
