नई दिल्ली: सरकारी संस्था नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) (एनएचएआई) ने एक नई तकनीकी पहल की घोषणा की है। अब एनएचएआई 23 राज्यों में नेटवर्क सर्वे व्हीकल्स (NSV) तैनात करेगा, जो लगभग 20,933 किलोमीटर लंबी नेशनल हाईवे सड़कों की सड़क की स्थिति और सड़क से जुड़ा डाटा (रोड इन्वेंट्री) इकट्ठा करेंगे। इसका मकसद है हाईवे पर सफर को और बेहतर और सुरक्षित बनाना।
ये NSV वाहन सड़कों की सतह की गुणवत्ता, टूट-फूट, गड्ढों और अन्य तकनीकी खामियों को रिकॉर्ड करेंगे। एनएचएआईI के मुताबिक, इस डाटा के आधार पर सड़क की खामियों की पहचान की जाएगी, जिससे समय रहते मरम्मत और सुधार के कदम उठाए जा सकें।
सर्वे से जुटाया गया पूरा डाटा एनएचएआई के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पोर्टल Data Lake (डाटा लेक) पर अपलोड किया जाएगा। यहां एनएचएआई के विशेषज्ञों की टीम इस डाटा का विश्लेषण करेगी, ताकि इसे ज्ञान और उपयोगी नीतिगत कदमों में बदला जा सके।
सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ये डाटा तय समयांतराल पर इकट्ठा किया जाएगा और रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे भविष्य में तकनीकी कामों के लिए सड़क की स्थिति से जुड़ा ऐतिहासिक डाटा इस्तेमाल किया जा सकेगा।
एनएचएआई ने बताया कि यह सर्वे 2-लेन, 4-लेन, 6-लेन और 8-लेन वाले सभी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होने से पहले किया जाएगा और उसके बाद हर छह महीने में दोबारा सर्वे होगा। ताकि सड़क की स्थिति की लगातार निगरानी की जा सके। इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए एनएचएआई ने योग्य कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं, जो सर्वे, डाटा प्रोसेसिंग और विश्लेषण का काम संभालेंगी।
