नई दिल्ली। रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा है कि हरित अमोनिया समझौते आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण और देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत उर्वरक क्षेत्र के लिए हरित अमोनिया समझौतों के के अवसर पर उन्होंने यह बात कही।
श्री नड्डा ने कहा कि यह पहल हरित अमोनिया इकोसिस्टम के संचालन का प्रतीक है और सतत ऊर्जा की ओर बदलाव को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से उर्वरक क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू क्षमताएं मजबूत होंगी।
इस अवसर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संदर्भ में ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा बन गई है। श्री जोशी ने कहा कि ये समझौते भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत करेंगे और आयातित ग्रे अमोनिया पर निर्भरता कम करने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से अगले दशक में लगभग ढाई अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत होने की उम्मीद है। श्री जोशी ने कहा कि देश ने यह दिखाया है कि आर्थिक विकास और स्थिरता साथ-साथ चल सकते हैं।
