12 विधेयकों के पारित होने के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्‍थगित कर दी गई है। पिछले महीने की 20 तारीख से शुरू हुआ मॉनसून सत्र आज सम्‍पन्न हो गया। इस दौरान 25 दिनों में 19 बैठकें हुईं। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने अपने समापन वक्‍तव्‍य में सदन की कार्यवाही में बार-बार आई बाधा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों के लिए अपनी बात रखने के पर्याप्त अवसर थे, लेकिन सदस्यों ने जनता की आवाज उठाने के लिए इन अवसरों का पूरा उपयोग नहीं किया। हालांकि उन्होंने कहा कि सदन ने 12 विधेयकों को पारित और वापस करके अपने मूल विधायी दायित्वों को पूरा किया। श्री राधाकृष्णन ने बताया कि राज्यसभा की कार्यवाही केवल 37 घंटे 49 मिनट चली, जिससे सदन में 39 दशमलव एक-सात प्रतिशत ही कामकाज हुआ।
इससे पहले सदन में विपक्ष के नेता और काग्रेंस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड में हल्दवानी में अपनी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में किए गए हवन का मुद्दा उठाया। श्री खरगे ने कहा कि उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और अपने भाषण में किसी समुदाय और धर्म का उल्लेख नहीं किया।
सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने सदन को आश्‍वस्‍त किया कि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उठाए गए मुद्दे की जांच की जाएगी। श्री नड्डा ने स्पष्ट किया कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और उन्‍होंने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मुद्दे को देखेंगे और मामले की जांच कराकर तदानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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