काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू में सितंबर में हुए जेन जी आंदोलन के दौरान सुप्रीम कोर्ट भवन में की गई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने सोमवार को इस घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक संस्थान पर सीधे हमले के रूप में देखी जा रही है, जिसने देश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
काठमांडू जिला पुलिस सर्कल के प्रवक्ता और पुलिस अधीक्षक पवन कुमार भट्टाराई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सुप्रीम कोर्ट में हुई आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार लोगों में राजू परियार और ज्योति थापा घटानी शामिल हैं। भट्टाराई ने कहा कि आगजनी में कुछ और लोग भी शामिल थे, जिनकी पहचान की जा रही है और उनके नाम जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे।
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना के बाद नेपाल पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। आगजनी के बाद मुख्य भवन बुरी तरह जल गया था, जिसके कारण अदालत को कई हफ्तों तक अपना कामकाज रोकना पड़ा। हालात इतने खराब थे कि अदालत को सुनवाई अस्थायी टेंट में शुरू करनी पड़ी, जबकि जले हुए भवन की मरम्मत में अभी समय लगेगा। यह न्यायिक तंत्र पर सीधा प्रभाव डालने वाली गंभीर घटना थी।
सुप्रीम कोर्ट ही नहीं, बल्कि उस प्रदर्शन के दौरान कुल 66 सरकारी भवनों में आग लगा दी गई थी, जिनमें संघीय संसद का भवन भी शामिल था। यह हिंसा उस समय हुई थी जब के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के खिलाफ जेन जी युवाओं ने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के विरोध में दो दिनों तक उग्र प्रदर्शन किए थे। देश के कई हिस्सों में सरकारी संपत्तियों को व्यापक नुकसान हुआ था।
इस आंदोलन ने नेपाल की राजनीति में गहरी हलचल पैदा कर दी थी। दो दिनों तक चले प्रदर्शन में कुल 76 लोगों की मौत हुई थी, जो हाल के वर्षों में नेपाल में हुए सबसे घातक प्रदर्शनों में से एक माना जाता है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें लगातार बढ़ती गईं, जिसके चलते अनेक सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
नेपाल पुलिस अब तक इस मामले में कुल 267 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि आगजनी, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान करने के लिए जांच तेज़ कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट आगजनी मामले में हुई नई गिरफ्तारियां सरकार की उस कोशिश का हिस्सा हैं, जिसके तहत जेन जी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की पूरी जाँच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
