‘वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं’, तीन एयरलाइन ने केबिन क्रू के आराम से जुड़े मसौदा नियमों पर जताई आपत्ति

मुंबई। इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट ने बुधवार को कहा कि चालक दल के सदस्यों के आराम को लेकर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नए प्रस्तावित नियम दुनिया के मानकों की तुलना में ज्यादा कड़े हैं। इन नियमों के कारण एयरलाइन को अपनी उड़ानों के संचालन में ज्यादा आसानी नहीं होगी।
डीजीसीए ने अक्तूबर 2025 में अपने नए प्रस्तावित नागरिक विमानन नियम (सीएआर) जारी किए थे। ये नियम चालक दल के सदस्यों के काम और आराम करने के समय की सीमा (एफडीटीएल) से जुड़े हैं। भारतीय एयरलाइंस महासंघ (एफआई) ने डीजीसीए को कई सुझाव दिए हैं। यह महासंघ इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करता है। एफआईए ने कहा कि ये नियम वैश्विक स्तर पर सामस्यपूर्ण, सबूतों पर आधारित और व्यवहारिक होने चाहिए।
एफआईए की मुख्य दलील यह है कि चालक दल के सदस्यों के काम करने की अवधि (फ्लाइट ड्यूटी पीरियड) को सबसे अहम मानदंड माना चाहिए, केवल उड़ान का समय नहीं। इससे कर्मचारियों की रोजमर्रा की थकान को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। आमतौर पर उड़ान में ड्यूटी की अवधि तब शुरू होती है, जब चालक दल (केबिन क्रू) को अपने काम करने के लिए हाजिर होना होता है। यह तब समाप्त होती है, जतब वह सभी ड्यूटी से मुक्त हो जाता है।
एफआईए ने कहा कि नए मसौदा सीएआर नियमों में एयरलाइन को संचालन में ज्यादा सुविधा नहीं मिल रही है और कर्मचारियों की थकान से जुड़ी सभी समस्याओं का सही तरीके से नहीं संभाला गया है। केबिन क्रू के रहने की सुविधा के लिए भी एफआईए ने सुझाव दिया है। एफआईए ने कहा कि कमरे इस तरह होने चाहिए कि कर्मचारियों को आराम अच्छी तरह मिल सके और दो लोग एक कमरे में रह सकते हैं, लेकिन यह एयरलाइन के दिशानिर्देशों के अनुसार होना चाहिए।

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